बगहा। श्रावण मास में भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए बगहा नगर परिषद ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 20 स्थित ऐतिहासिक पक्की बावली मंदिर का कार्यपालक पदाधिकारी सरोज कुमार बैठा के नेतृत्व में अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की टीम ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर की साफ-सफाई, पेयजल, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई।

निरीक्षण के दौरान कार्यपालक पदाधिकारी सरोज कुमार बैठा ने संबंधित अधिकारियों और सफाई कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि श्रावण मास के दौरान मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना नगर परिषद की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए नियमित सफाई, कचरा निष्पादन और आवश्यक सुविधाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। उपसभापति प्रतिनिधि रविशंकर प्रसाद ने कहा कि श्रावण मास में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए पक्की बावली मंदिर पहुंचते हैं। ऐसे में नगर परिषद की ओर से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जा रही हैं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने नागरिकों से भी मंदिर परिसर की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की।

स्वच्छता पदाधिकारी अब्दुल बाकी ने बताया कि पूरे श्रावण मास के दौरान मंदिर परिसर में नियमित सफाई कराई जाएगी। सफाई कर्मियों की विशेष ड्यूटी लगाई जाएगी और व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि परिसर साफ-सुथरा और श्रद्धालुओं के अनुकूल बना रहे। निरीक्षण के दौरान स्थायी समिति सदस्य जितेंद्र राव तथा पूर्व वार्ड पार्षद उमेश गुप्ता ने भी व्यवस्थाओं का जायजा लिया और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुझाव दिए। अधिकारियों ने संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया कि सभी तैयारियां समय सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएं।

नगर परिषद की इस पहल से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में संतोष का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह नियमित निगरानी और स्वच्छता व्यवस्था बनी रही तो श्रावण मास में पक्की बावली मंदिर आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और वे सुगम एवं शांतिपूर्ण वातावरण में भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर सकेंगे।












