बगहा। पश्चिम चंपारण के बगहा अनुमंडल अंतर्गत नौरंगिया थाना क्षेत्र की बेलहवा मदनपुर पंचायत में मगरमच्छ के हमले का शिकार हुए किसान केदार बैठा का शव घटना के चार दिन बाद बुधवार को भपसा नदी से बरामद किया गया। शव घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर गुलहरिया के पास नदी में उतराता मिला। शव का दाहिना पैर मगरमच्छ खा चुका था। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, भुल टोला सिरिसिया निवासी किसान केदार बैठा रविवार शाम गुलहरिया सरेह स्थित अपने खेत से घर लौट रहे थे। भपसा नदी पार करने के दौरान अचानक एक मगरमच्छ ने उन पर हमला कर दिया। किसान के शोर मचाने पर आसपास के लोग लाठी-डंडे लेकर दौड़े और मगरमच्छ को भगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक वह किसान को गहरे पानी में खींच ले गया।

घटना के बाद से एसडीआरएफ की टीम, नौरंगिया थाना पुलिस और स्थानीय ग्रामीण लगातार नदी में खोजबीन कर रहे थे। तीन दिनों तक चले सघन अभियान के बावजूद किसान का कोई पता नहीं चल सका। बुधवार सुबह ग्रामीणों ने फिर तलाश शुरू की, तभी गुलहरिया के पास नदी में शव उतराता दिखाई दिया।
घटना से पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा मगरमच्छों के बढ़ते खतरे से लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

मृतक के बेटे राजेश कुमार ने सरकार से उचित मुआवजा देने की मांग करते हुए कहा कि जिस रास्ते से उनके पिता खेत जाते थे, उसी मार्ग से प्रतिदिन हजारों किसान और ग्रामीण आवाजाही करते हैं। उन्होंने भपसा नदी पर पुल निर्माण की मांग करते हुए कहा, "आज यह हादसा मेरे पिता के साथ हुआ है, कल किसी और के साथ न हो।" उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की।
राजेश कुमार , मृतक का पुत्र














