बगहा। खरीफ सीजन के बीच यूरिया खाद की कालाबाजारी थमने का नाम नहीं ले रही है। सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य ₹267 प्रति बोरी होने के बावजूद कई स्थानों पर यूरिया किसानों को ₹600 से ₹800 प्रति बोरी तक बेचा जा रहा है। इससे किसानों में भारी नाराजगी और चिंता व्याप्त है।
किसानों का आरोप है कि पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद कुछ खाद विक्रेता और बिचौलिए मनमाने दाम वसूल रहे हैं। मजबूरी में किसानों को अधिक कीमत देकर यूरिया खरीदना पड़ रहा है, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है।

किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से मामले की जांच कर दोषी दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा निर्धारित सरकारी दर पर यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि कालाबाजारी पर शीघ्र रोक नहीं लगाई गई तो इसका सीधा असर खरीफ फसलों की खेती पर पड़ेगा।



















