शिक्षक दीपक राही
बगहा पुलिस जिला क्षेत्र में मुहर्रम का पर्व शुक्रवार को पूरी श्रद्धा, आस्था और गंगा-जमुनी तहजीब के साथ शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, लगातार गश्त और ड्रोन कैमरों की निगरानी के बीच शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक ताजिया जुलूस निकाले गए। पूरे आयोजन के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली। मुहर्रम को लेकर पुलिस प्रशासन एक दिन पहले से ही पूरी तरह अलर्ट मोड में था। संवेदनशील इलाकों, मस्जिदों, ईदगाहों, प्रमुख चौक-चौराहों और ताजिया जुलूस के निर्धारित मार्गों पर दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों तथा महिला एवं पुरुष पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती की गई थी। सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस लगातार गश्त करती रही, जबकि ड्रोन कैमरों के जरिए पूरे आयोजन पर पैनी नजर रखी गई।
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से व्यापक तैयारी की गई थी। सभी थानाध्यक्षों को लगातार क्षेत्र भ्रमण और निगरानी के निर्देश दिए गए थे। ड्रोन कैमरों की मदद से जुलूसों की मॉनिटरिंग की गई, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।


बगहा नगर के पारस नगर, गांधीनगर, ईदगाह मस्जिद, डुमवलिया, बगहा-दो, पटखौली और रत्नमाला सहित कई स्थानों पर ताजिया जुलूस निकाले गए। विभिन्न स्थानों पर भव्य मेलों का भी आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी। अखाड़ों के खिलाड़ियों ने पारंपरिक लाठी, डंडा और युद्धकला के शानदार करतब प्रस्तुत किए, जिन्हें देखने के लिए सड़क किनारे लोगों की भारी भीड़ जुटी रही। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह और अनुशासन का बेहतर समन्वय देखने को मिला।


प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार मैदान में सक्रिय रहे। बगहा एसडीएम चांदनी कुमारी, एसडीपीओ निहार भूषण तथा रामनगर एसडीपीओ रागिनी कुमारी विभिन्न जुलूसों और मेलों का लगातार निरीक्षण करते रहे। नगर थानाध्यक्ष शैलेश कुमार, पटखौली थानाध्यक्ष उत्कल कांत समेत सभी थाना क्षेत्रों के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था संभाले रहे।


एसपी राजेश कुमार ने कहा कि प्रशासन की सतर्कता, पुलिस बल की मुस्तैदी और आम लोगों के सहयोग से मुहर्रम का पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। उन्होंने सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में सभी समुदायों और स्थानीय लोगों की भूमिका की सराहना की।


मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है और इसी से नए इस्लामी वर्ष की शुरुआत होती है। इसकी 10वीं तारीख, जिसे यौमे आशूरा कहा जाता है, करबला की ऐतिहासिक घटना की याद दिलाती है। इसी दिन हजरत इमाम हुसैन ने अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष करते हुए शहादत दी थी। उनका बलिदान आज भी सत्य, न्याय, मानवता और धर्म की रक्षा का प्रतीक माना जाता है।


इस अवसर पर बगहा नगर में एमएलसी भीष्म सहनी,सभापति प्रतिनिधि पप्पू गुप्ता, राकेश सिंह, पूर्व सभापति प्रतिनिधि फिरोज आलम, मुन्ना सिंह, दीपक राही, मो. राशिद, दयाशंकर सिंह, मो. गयासुद्दीन, परवेज आलम, मोबिन अंसारी, नुरुल्लाह अंसारी उर्फ छोटे, विनोद कुशवाहा, मदन यादव, अलमगीर रब्बानी,सहित कई जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की सक्रिय एवं सराहनीय भूमिका रही।











