बगहा। पेपर लीक के मुद्दे और जंतर-मंतर पर पिछले 23 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में रविवार को बगहा में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) और भाकपा (माले) की ओर से प्रतिवाद मार्च निकाला गया। मार्च के माध्यम से छात्र-युवा संगठनों ने आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए विभिन्न मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) बगहा-1 के अंचल सचिव एवं खेग्रामस के राज्य कार्यकारिणी सदस्य भिखारी प्रसाद, भाकपा (माले) बगहा-2 के अंचल सचिव परशुराम यादव, जिला कमेटी सदस्य राजेंद्र प्रसाद, जिला कमेटी सदस्य राजवंती देवी, नगर सदस्य लालबाबू, सुमित्रा देवी, चंदेश्वर चौधरी, मोहन चौधरी तथा अन्य नेताओं ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की।

वक्ताओं ने कहा कि जंतर-मंतर पर आइसा नेताओं नेहा, मनीष और अभिन के नेतृत्व में चल रहा अनशन छात्रों और युवाओं के भविष्य की लड़ाई है, जिसे देशभर के छात्र, युवा और लोकतांत्रिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने आंदोलनकारियों को लाल सलाम देते हुए संघर्ष को और तेज करने का संकल्प जताया।
नेताओं ने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी की भी आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र और संविधान की भावना के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक आंदोलनों की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को छात्रों और युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने चंपारण क्षेत्र में छात्र-युवा मुद्दों पर आंदोलन को और व्यापक बनाने का भी आह्वान किया।













