बगहा। खेती के सीजन में यूरिया की बढ़ती मांग के बीच बगहा प्रखंड के सिगाड़ी पिपरिया पंचायत में एक खाद विक्रेता को लेकर विवाद सामने आया है। स्थानीय किसानों ने आरोप लगाया है कि भुगतान लेने के बावजूद उन्हें समय पर यूरिया उपलब्ध नहीं कराया गया। इसको लेकर शनिवार को ग्रामीणों ने बेलवा-डुमरिया चौक पर विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि कई लोगों ने यूरिया के लिए पहले ही ऑनलाइन या नकद भुगतान कर दिया था, लेकिन काफी इंतजार के बाद भी खाद नहीं मिली। किसानों का आरोप है कि उन्हें बार-बार दुकान पर बुलाया गया, जिससे खेती का काम प्रभावित हो रहा है।

राम किशुन यादव ने बताया कि उन्होंने एक बोरी यूरिया के लिए 700 रुपये जमा किए, लेकिन खाद नहीं मिली। लालू साह का आरोप है कि उनसे एक बोरी के लिए 1100 रुपये लिए गए, फिर भी यूरिया उपलब्ध नहीं कराई गई। वहीं अमित गिरी का कहना है कि चार बोरी के लिए 4400 रुपये भुगतान करने के बावजूद उन्हें खाद नहीं मिली। उदयभान यादव और अहिल्या देवी ने भी भुगतान के बाद यूरिया नहीं मिलने की शिकायत की है।

किसानों का आरोप है कि निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूली जा रही है और खाद वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। उनका कहना है कि यदि समय पर यूरिया नहीं मिली तो फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। नाराज किसानों ने संबंधित खाद विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए मामले की शिकायत जनप्रतिनिधियों और कृषि विभाग से करने की बात कही है। प्रखंड बगहा-एक के एमएलसी प्रतिनिधि एवं पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि दीपक पाण्डेय ने बताया कि ग्रामीणों से शिकायत प्राप्त हुई है।

उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी एमएलसी सौरभ कुमार को दे दी गई है और शिकायत संबंधित विभाग को भेजी जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उधर, प्रखंड कृषि पदाधिकारी अभय मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच जारी है। संबंधित खाद विक्रेता से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने कहा कि 24 घंटे के भीतर प्राप्त जवाब का परीक्षण किया जाएगा।


यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो पूरी रिपोर्ट जिला कृषि कार्यालय को भेजी जाएगी, जहां से आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। किसानों को उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद उन्हें समय पर यूरिया उपलब्ध कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित पक्ष के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।




















