बगहा। पश्चिम चंपारण के बगहा प्रखंड-एक स्थित पतिलार पंचायत में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में एक वर्षीय मासूम की जान चली गई। घर के पास खेलते-खेलते बच्चा पानी से भरे गड्ढे (पंदोहा) में गिर गया, जिससे उसकी डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इस हादसे ने एक बार फिर छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।जानकारी के अनुसार, पतिलार पंचायत के वार्ड संख्या-9 निवासी मुकेश पासवान का एक वर्षीय पुत्र गुरुवार को घर के बाहर खेल रहा था। उसी समय उसकी मां बबिता देवी घरेलू कामकाज में व्यस्त थीं। खेलते-खेलते मासूम घर के समीप बने पानी से भरे गड्ढे तक पहुंच गया और उसमें गिर गया। घटना के समय किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी।
कुछ देर बाद जब बच्चा घर में दिखाई नहीं दिया तो परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने आसपास उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद बच्चा घर के पास बने पानी भरे गड्ढे में अचेत अवस्था में मिला। यह दृश्य देखकर परिवार के लोगों के होश उड़ गए। परिजन तुरंत बच्चे को लेकर पतिलार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक डॉ. रचना वर्मा और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश सिंह नीरज ने बच्चे की जांच की।

जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे को अस्पताल पहुंचाने में काफी विलंब हो गया था। यदि ऐसी स्थिति में पीड़ित को तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल जाए तो कई मामलों में जान बचाई जा सकती है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताया और बच्चों की सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क रहने की जरूरत बताई।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में घरों के आसपास पानी भरे गड्ढे और खुले जलस्रोत छोटे बच्चों के लिए बड़ा खतरा बन जाते हैं। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेश सिंह नीरज ने अभिभावकों से अपील की कि छोटे बच्चों को कभी भी बिना निगरानी के घर के बाहर न छोड़ें। उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा पानी में डूब जाए या किसी गंभीर दुर्घटना का शिकार हो जाए तो बिना समय गंवाए उसे तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाएं।
इसके साथ ही घर के आसपास बने गड्ढों, पोखरों और अन्य खुले जलस्रोतों को सुरक्षित करने की भी सलाह दी, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।


















