बगहा। पश्चिम चंपारण जिले में आधार से जुड़ी सेवाओं को लेकर आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। जिले में आधार से संबंधित सुधार कार्य के लिए पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों को मोतिहारी और पटना तक जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। खासकर आधार कार्ड में नाम, जन्मतिथि सहित अन्य जरूरी विवरण में सुधार कराने वाले लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
एक छोटी सी गलती को ठीक कराने के लिए लोगों को पहले यात्रा की तैयारी करनी पड़ती है, फिर आने-जाने का किराया और पूरा दिन खर्च करना पड़ता है। इससे आम जनता पर समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों के लिए यह परेशानी और भी गंभीर हो जाती है।
लोगों का कहना है कि आधार आज लगभग हर जरूरी सरकारी और गैर-सरकारी कार्य के लिए अनिवार्य दस्तावेज बन चुका है। ऐसे में यदि आधार में किसी प्रकार की त्रुटि हो जाए तो उसे ठीक कराने के लिए जिले से बाहर जाना बेहद परेशानी भरा है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से जनता का सवाल?

पश्चिम चंपारण की जनता अब जिला प्रशासन, संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से सीधा सवाल कर रही है—जब जिले की लाखों आबादी आधार से जुड़ी सेवाओं पर निर्भर है, तो यहां पर्याप्त आधार सेंटर की सुविधा क्यों नहीं है?
लोगों की मांग है कि पश्चिम चंपारण जिले में पर्याप्त संख्या में अधिकृत आधार केंद्र और सुधार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि लोगों को मोतिहारी और पटना की दौड़ न लगानी पड़े।
जनता का सवाल साफ है—आधार जैसी जरूरी सेवा के लिए आखिर पश्चिम चंपारण के लोगों को कब तक जिले से बाहर जाना पड़ेगा?



















