बगहा। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर बगहा स्थित होमियो कैंसर सेवा अस्पताल में बुधवार को एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सकों की समाज के प्रति भूमिका, सेवा भावना और मानवता के प्रति उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता वन विकास भारती के सचिव अरुण सिंह ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. पदमभानु सिंह ने किया।संगोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. पदमभानु सिंह ने अस्पताल में मौजूद मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मियों को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डॉक्टर केवल रोगों का उपचार करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज को स्वस्थ, सुरक्षित और जागरूक बनाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक हर परिस्थिति में मानव सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं और यही भावना उन्हें समाज में विशेष स्थान दिलाती है।

डॉ. सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस उन सभी चिकित्सकों के समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भाव को सम्मान देने का अवसर है, जो दिन-रात मरीजों की सेवा में जुटे रहते हैं। उन्होंने मरीजों से भी डॉक्टरों के प्रति विश्वास बनाए रखने और समय पर चिकित्सा परामर्श लेने की अपील की। अध्यक्षीय संबोधन में वन विकास भारती के सचिव अरुण सिंह ने कहा कि चिकित्सकों को मरीजों के लिए भगवान का दूसरा रूप माना जाता है। वे कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज को डॉक्टरों के योगदान का सम्मान करना चाहिए और उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखना चाहिए।

कार्यक्रम के अंत में सभी चिकित्सकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ, सफल और दीर्घ सेवा जीवन की कामना की गई। इस अवसर पर डॉ. भानु प्रताप सिंह, डॉ. हरिओम सिंह, राजगढ़ी मंदिर के पुरोहित भागवत दास, सुमित कुमार, प्रवीण जी, मनोज गुप्ता, गीतांजलि कुमारी, अभिजीत कुमार सहित अस्पताल के कर्मचारी, मरीज, उनके परिजन एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।













