बगहा। बारिश के बाद जहरीले सांपों के निकलने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व (वीटीआर) से सटे इलाके होने के कारण बरसात के मौसम में जंगली जीव अक्सर रिहायशी क्षेत्रों का रुख कर लेते हैं। मंगलवार को नगर परिषद बगहा के वार्ड संख्या-16 स्थित आनंद नगर मोहल्ले में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक ही घर से दो जहरीले कोबरा सांप निकल आए। समय रहते वन विभाग की टीम ने दोनों सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया। मिली जानकारी के अनुसार आनंद नगर निवासी सुनील चौधरी के घर में रखे लकड़ी के ढेर के पास अचानक हलचल दिखाई दी। परिवार के सदस्य जब वहां पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। लकड़ी के बीच दो बड़े कोबरा फन फैलाए बैठे थे। यह नजारा देखते ही पूरे परिवार में दहशत फैल गई। आसपास के लोगों की भीड़ भी मौके पर जुट गई, लेकिन किसी ने भी सांपों को छेड़ने की कोशिश नहीं की।

घटना की सूचना तत्काल वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी बगहा श्रीमान मालाकार को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने काफी सावधानी और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों कोबरा सांपों को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू अभियान के दौरान लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई। वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी श्रीमान मालाकार ने बताया कि बरसात के मौसम में अक्सर सांप अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं। लगातार बारिश के कारण उनके बिलों में पानी भर जाता है, जिससे वे सूखी और सुरक्षित जगहों की तलाश में घरों, लकड़ी के ढेर, गोदामों और अन्य स्थानों में छिप जाते हैं। उन्होंने बताया कि पकड़े गए दोनों कोबरा पूरी तरह स्वस्थ थे। रेस्क्यू के बाद उन्हें वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
उन्होंने लोगों से अपील की कि बारिश के मौसम में घर और आसपास की नियमित सफाई करें। झाड़ियों, लकड़ी और कबाड़ के ढेर को लंबे समय तक जमा न रहने दें। घर के आसपास बने गड्ढों को भर दें तथा रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल जरूर करें। यदि कहीं सांप दिखाई दे तो उसे पकड़ने या मारने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें। गौरतलब है कि बगहा और वीटीआर से सटे क्षेत्रों में हर वर्ष मानसून के दौरान सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। कई बार जहरीले सांप के काटने से लोगों की जान भी जा चुकी है, जबकि समय पर अस्पताल पहुंचने और उचित इलाज मिलने से कई लोगों की जान बचाई गई है। ऐसे में वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना देने की अपील की है।



















