बगहा। अनुमंडलीय अस्पताल में लंबे समय से किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत की बड़ी खबर है। अस्पताल में डायलिसिस सेवा शुरू होने का इंतजार अब खत्म हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डायलिसिस मशीन उपलब्ध कराने के बाद उसके इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। मंगलवार की रात डॉ. आशीष कुमार जायसवाल और डॉ. के.बीएन सिंह की देखरेख में मशीन का सफल ट्रायल किया गया।
ट्रायल के दौरान नगर थाना क्षेत्र के मटियरिया गांव निवासी 55 वर्षीय बसंती देवी की डायलिसिस की गई। सफल ट्रायल के बाद अस्पताल में नियमित रूप से डायलिसिस सेवा उपलब्ध कराने की तैयारी पूरी कर ली गई है। मुख्यमंत्री द्वारा राज्यस्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से सेवा का शुभारंभ किए जाने के साथ ही बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में भी डायलिसिस सुविधा शुरू हो गई है।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार पुराने भवन के ध्वस्त होने के बाद ओपीडी भवन के दो कमरों को डायलिसिस यूनिट के लिए उपलब्ध कराया गया है। यहां डायलिसिस मशीन के साथ मरीजों के उपचार के लिए जरूरी संसाधनों की व्यवस्था की गई है। मशीन के इंस्टॉलेशन और ट्रायल की पूरी प्रक्रिया डॉ. आशीष कुमार जायसवाल की देखरेख में संपन्न हुई। स्वास्थ्य विभाग ने डायलिसिस सेवा के संचालन की जिम्मेदारी नेफ्रो प्लस एजेंसी को दी है।

एजेंसी की ओर से प्रशिक्षित तकनीशियन समेत अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गई है। इससे किडनी रोगियों को अब अपने ही अनुमंडलीय अस्पताल में नियमित डायलिसिस की सुविधा मिल सकेगी।अस्पताल प्रबंधन के अनुसार आयुष्मान कार्ड और निर्धारित राशन कार्ड के पात्र लाभुकों को डायलिसिस की सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, अन्य मरीजों से विभाग द्वारा निर्धारित शुल्क लिया जाएगा। ऐसे मरीजों के लिए डायलिसिस का शुल्क करीब 1700 से 1800 रुपये प्रति सत्र बताया गया है।

उत्तर प्रदेश और नेपाल सीमा से सटे बगहा अनुमंडल क्षेत्र में डायलिसिस सेवा शुरू होने से मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सात प्रखंडों वाले इस अनुमंडल क्षेत्र के मरीजों को अब तक नियमित डायलिसिस के लिए गोरखपुर, बेतिया और अन्य शहरों का रुख करना पड़ता था। इससे इलाज के साथ आने-जाने में भी काफी समय और पैसा खर्च होता था।

स्थानीय स्तर पर डायलिसिस सुविधा शुरू होने से मरीजों का समय, यात्रा और इलाज का अतिरिक्त खर्च बचेगा। अस्पताल में प्रशिक्षित तकनीशियनों और स्वास्थ्य कर्मियों की मौजूदगी में सेवा संचालित की जाएगी। डायलिसिस यूनिट में इन कर्मियों की रहेगी भूमिका

डायलिसिस सेवा के संचालन में डॉ. आशीष कुमार जायसवाल के साथ स्वास्थ्य कर्मी क्लस्टर मुकुल सिंह, टेक्नीशियन ओम मिश्रा, शाह आलम और जीडी स्टाफ दिनेश राम की भूमिका रहेगी। प्रशिक्षित टीम की मौजूदगी में मरीजों को सुरक्षित और नियमित डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है।




















