बगहा। पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा में उत्तर प्रदेश और नेपाल सीमा के समीप स्थित अनुमंडलीय अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मंगलवार को ओपीडी संचालन का निर्धारित समय सुबह 8 बजे होने के बावजूद मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। रोस्टर में चिकित्सकों की ड्यूटी सुबह 8 बजे से निर्धारित थी, लेकिन कई डॉक्टर समय पर अस्पताल नहीं पहुंचे। इस दौरान अस्पताल में सफाई कर्मी सफाई करते नजर आए, जबकि इलाज की उम्मीद में पहुंचे मरीज चिकित्सकों की प्रतीक्षा करते रहे।
सोना देवी, ज्योति कुमारी, अंचला देवी, रेनू देवी और राजन पांडेय समेत कई मरीज सुबह 8 बजे ही अस्पताल पहुंच गए थे। मरीज निबंधन खिड़की के पास बैठकर और खड़े होकर उसके खुलने का इंतजार करते रहे। करीब 9:10 बजे निबंधन खिड़की खुली और इसके बाद मरीजों का पंजीकरण शुरू हो सका। यानी ओपीडी शुरू होने के निर्धारित समय के काफी देर बाद निबंधन की प्रक्रिया शुरू हुई।

करीब 9 बजे डॉ. राजीव कुमार अस्पताल पहुंचे। मंगलवार को जारी रोस्टर के अनुसार उनकी ड्यूटी सुबह 8 बजे से ओपीडी में निर्धारित थी, लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद वे आईपीडी में भर्ती मरीजों को देखने चले गए। इससे ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों की परेशानी और बढ़ गई। करीब 9:20 बजे यूनानी चिकित्सक डॉ. रुकैया यासमीन अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने महिला चिकित्सक कक्ष के बजाय पुरुष चिकित्सक कक्ष में मरीजों को देखना शुरू किया। इलाज के लिए परेशान मरीज उपलब्ध चिकित्सक से ही इलाज कराने को मजबूर दिखे।

इसके बाद करीब 9:48 बजे डॉ. तारिक नदीम अस्पताल पहुंचे। रोस्टर के अनुसार उनकी ड्यूटी सुबह 8 बजे से थी। इस हिसाब से वे निर्धारित समय से करीब एक घंटा 48 मिनट देर से अस्पताल पहुंचे।

जारी रोस्टर के अनुसार मंगलवार को सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक आईपीडी में डॉ. एसपी अग्रवाल तथा ओपीडी में डॉ. राजीव कुमार, डॉ. रुकैया यासमीन, डॉ. तारिक नदीम और दंत चिकित्सक डॉ. नेमतुल्लाह की ड्यूटी निर्धारित है। दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक आईपीडी में डॉ. एसपी अग्रवाल, डॉ. चंदन कुमार, डॉ. विनय कुमार और बालेश्वर शर्मा तथा रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक डॉ. विनय कुमार, डॉ. तारिक नदीम, डॉ. रामप्रवेश भारती और डॉ. पूजा की ड्यूटी दर्ज है।

अस्पताल प्रबंधन की ओर से सरकार के निर्देश पर बायोमीट्रिक मशीन लगाई गई है। प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. अशोक कुमार तिवारी के अनुसार, उनके अलावा कोई चिकित्सक बायोमीट्रिक मशीन पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा रहा है। ऐसे में चिकित्सकों की वास्तविक उपस्थिति और ड्यूटी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और बायोमीट्रिक रिकॉर्ड की जांच की जाए तो चिकित्सकों के आने और ड्यूटी करने की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
बगहा अनुमंडलीय अस्पताल सात प्रखंडों की बड़ी आबादी के लिए महत्वपूर्ण सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है। ऐसे में ओपीडी के निर्धारित समय पर शुरू नहीं होने और चिकित्सकों के देर से पहुंचने का सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। लोगों में अस्पताल की व्यवस्था को लेकर नाराजगी है।
प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि बायोमीट्रिक मशीन लगाई जा चुकी है और उनके अलावा कोई चिकित्सक उपस्थिति दर्ज नहीं करा रहा है। इसकी सूचना वरीय अधिकारियों को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नियमानुसार ओपीडी सुबह 8 बजे से संचालित होना है और विलंब से आने वाले चिकित्सकों पर कार्रवाई की जाएगी।



















