देश ऐतिहासिक धरोहर अशोक स्तंभ को देखने देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी पर्यटक पश्चिम चंपारण के लौरिया पहुंचते हैं। उसी विश्व धरोहर के मुख्य प्रवेश मार्ग पर आज कचरे का अंबार प्रशासनिक लापरवाही की गवाही दे रहा है। बिहार में लोहिया स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें प्रत्येक पंचायत में 15से20 स्वच्छताकर्मी तैनात हैं। बावजूद इसके अशोक स्तंभ और रामजानकी मंदिर के सामने सड़क के दोनों किनारों पर खुलेआम कचरा फेंका जा रहा है। तेज दुर्गंध के कारण राहगीरों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को नाक पर कपड़ा ढंककर गुजरना पड़ रहा है। यह मार्ग लौरिया से नरकटियागंज को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क पथ भी है, जहां प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही होती है।
हैरानी की बात यह है कि यह समस्या नई नहीं है। करीब एक वर्ष पहले कांग्रेस के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष कन्हैया सिंह ने तत्कालीन बीडीओ संजीव कुमार को लिखित आवेदन देकर यहां से कचरा हटाने और स्थायी डंपिंग यार्ड बनाने की मांग की थी, लेकिन कार्रवाई फाइलों से बाहर नहीं निकल सकी। इसके बाद वर्तमान कार्यपालक पदाधिकारी दिनेश पुरी ने भी अपनी पहली बैठक में इस मार्ग पर कचरा डंपिंग बंद कराने का भरोसा दिया, लेकिन आज भी हालात बदतर बने हुए हैं।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता मिथलेश सिंह, सुरेश कुशवाहा, धर्मेंद्र कुमार, विशाल कुमार और संजीत कुमार ने कहा कि जब विश्व धरोहर के सामने ही स्वच्छता की यह स्थिति है, तो नगर की व्यवस्था का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। उनका कहना है कि लौरिया प्रखंड















