जजा सुनाने के बाद चुमन यादव को लेजाते हुए पुलिस।
बगहा। चौतरवा थाना क्षेत्र में कुश्ती के अखाड़े के पास युवक बृजेश दास की गोली मारकर हत्या के करीब 26 वर्ष पुराने मामले में अदालत ने कुख्यात दस्यु चुमन यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय रविरंजन की अदालत ने गवाहों की गवाही, उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलों पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया।
मामला चौतरवा थाना कांड संख्या 106/2000 से जुड़ा है। अपर लोक अभियोजक कमलेश शर्मा ने बताया कि मृतक के पिता अदालत दास ने चौतरवा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी के अनुसार, बगीचा स्थित कुश्ती के अखाड़े के समीप चुमन यादव एवं अन्य आरोपियों ने बृजेश दास को पकड़ लिया था।
आरोप था कि बृजेश के हाथ गमछे से बांधने के बाद दोनाली बंदूक से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई। वारदात के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की और आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
12 गवाहों की गवाही बनी अहम कड़ी

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 12 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। गवाहों की गवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चुमन यादव को हत्या का दोषी पाया।
अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा अदालत ने आर्म्स एक्ट के तहत भी सजा सुनाई है।
करीब ढाई दशक से अधिक समय से लंबित इस हत्याकांड में अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है


















