हाथी घोड़ा पालकी जय कंहैया लाल की, नंद घर आनंद भयो
बगहा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का त्योहार हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। अनुमंडल के विभिन्न क्षेत्रों में तमाम छोटे बड़े मंदिरों सहित घरों में भी श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया। इस अवसर पर सबसे अधिक धूम रही नगर के पठखौली स्थित राधेश्याम मंदिर तथा परसा बंचहरी पंचायत के बंचहरी में देखा गया, जहां डोल रखने के लिए सैकड़ों कुंवारी कन्याओं ने गंडक नदी से जल भरकर भगवान श्रीकृष्ण के पूजा स्थल तक पहुँची।
जहां पवित्र मंत्रोच्चारण और परंपरिक रूप से भगवान श्रीकृष्ण की जयकारों के साथ भगवान के जन्मोत्सव की तैयारी में जुट गए। वहीं नगर के पं. दिनेश भ्रमर के आवास परिसर में स्थित प्राचीन राधेश्याम मंदिर में आदि काल से भगवान का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। प्रसाद के लिए एक तरफ सेव, केला, नसपाती, अनार आदि फलों की व्यवस्था हो रही थी तो दूसरी तरफ पारंपरिक प्रसाद यथा पंजीरी, शुद्ध घी में आटा का बना चूर्ण आदि की व्यवस्था में महिला व पुरुष श्रद्धालु जुटे रहे।

करीब एक सप्ताह पहले से रंग रोगन व आसपास की साफ सफाई लेने से मंदिर की शोभा व खूबसूरती देख लोग प्रफुल्लित हो रहे थे। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु सुबह से ही भगवान के नाम पर उपवास कर उनके जन्मोत्सव की प्रतीक्षा में लगे रहे। सबसे अधिक उत्साह महिला श्रद्धालुओं में दिखा जो अहले सुबह से ही घरेलु काम निपटा कर मंदिर में सजावट के साथ प्रसाद तैयार करने में जुटी रही।
कई महिलाएं भगवान के जन्मोत्सव को लेकर सोहर आदि भी गुनगुना रही थी, शाम होते ही वह गीत का रूप लेकर सार्वजनिक रूप से मंदिर परिसर में गूंजने लगा।

सारे व्यवस्था की जिम्मेदारी निभा रहे संगीत पाठक ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान का जन्मोत्सव पुरे हर्ष व उत्साह के साथ मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम छः दिनों का होता है। वैसे तो मंदिर में पूजा सालों भर होता है लेकिन इस छः दीन भगवान के बाल स्वरुप का पूजा किया जाता है।
जिसमें एक बालक के लिए जो आवश्यक होता है वह सारी तैयारियां की जाती है और छठे दिन भगवान का छठीहार मना कर त्योहार व विशेष पूजा का समापन कर दिया जाता है।
वहीं बंचहरी में रत्नेश सिंह विवेक यादव राहुल सिंह समेत दर्जनों भक्तों ने इस व्यवस्था को जिम्मेदारी के साथ पूजा अर्चना में अपनी सहभागिता दी।इस दौरान बगहा परसा बंचहरी , सिंगाड़ी पिपरिया बड़गांव मेहुरा आदि स्थानों पर शांतिपूर्वक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व मनी।



















