सजा सुनाने के बाद जेल ले जाती हुई पुलिस
बगहा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। चर्चित विजय सहनी हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने हत्या, अपहरण, साक्ष्य छिपाने और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़े मामले में महफूज अंसारी, राजकिशोर महतो, तेतर राम उर्फ साधु, श्री मुशहर और गीता देवी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मृतक विजय सहनी की बहन गीता देवी पर ही हत्या की साजिश रचने का आरोप था। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, गीता देवी ने कथित तौर पर साजिश रचकर अपने भाई विजय की हत्या करवाई।
वहीं, मुख्य आरोपी अशोक यादव को भी अदालत ने दोषी करार दिया है। उसके खिलाफ सजा का ऐलान 11 सितंबर को किया जाएगा।

दरअसल, मामला रामनगर थाना क्षेत्र का है। 1 मई 2022 की शाम विजय कुमार सहनी को पोखरा से जुड़े विवाद को सुलझाने के लिए फोन कर बुलाया गया था। इसके बाद विजय अपनी बाइक से घर से निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे। काफी खोजबीन के बाद उनकी पत्नी आशा देवी ने 4 मई को रामनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
जांच के दौरान पुलिस ने अपहरण, हत्या, साक्ष्य छिपाने और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ी धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीडीआर समेत कुल 24 दस्तावेजी साक्ष्य अदालत के समक्ष पेश किए।
चार साल से अधिक समय तक चली सुनवाई के बाद आए इस फैसले से मृतक के परिजनों ने संतोष जताया है। परिजनों ने अदालत के फैसले पर आभार व्यक्त करते हुए इसे न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
विजय सहनी हत्याकांड में अदालत का यह फैसला पूरे बगहा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजरें 11 सितंबर पर टिकी हैं, जब मुख्य आरोपी अशोक यादव की सजा का ऐलान होगा


















