जनता दल (यू) के पश्चिम चंपारण जिलाध्यक्ष एवं सिसवनिया पंचायत के मुखिया कन्हैया प्रसाद कुशवाहा का गुरुवार दोपहर निधन हो गया। उनके असामयिक निधन की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। समर्थक, शुभचिंतक और ग्रामीण बड़ी संख्या में उनके पैतृक गांव विशुनपुरवा पहुंचने लगे।
परिजनों के अनुसार बुधवार से उनकी तबीयत खराब थी। गुरुवार सुबह अचानक चक्कर आने के कारण वे घर में गिर पड़े। इसके बाद उन्हें तत्काल बेतिया के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उपचार चल रहा था, लेकिन दोपहर करीब डेढ़ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
कन्हैया कुशवाहा सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में अपनी सक्रिय भूमिका के लिए जाने जाते थे। उनके निधन से जदयू संगठन के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम लोगों में गहरा दुख व्याप्त है। उनके परिवार में पत्नी, दो पुत्र और तीन पुत्रियां हैं। गांव में उनका पार्थिव शरीर पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
उनके निधन पर सांसद, जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र की अपूरणीय क्षति बताया है।
















