बगहा। तीसरी सोमवारी पर शिवालय में जलाभिषेक के लिए जल बोझी करने वाल्मीकि नगर पहुंची एक महिला कांवरिया की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। मृतका की पहचान लौरिया थाना क्षेत्र के परोरहा गांव निवासी करीब 60 वर्षीय लखपति देवी के रूप में हुई है। चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच के आधार पर मौत की वजह हार्ट अटैक होने की आशंका जताई है।
जानकारी के अनुसार, लखपति देवी रविवार को अन्य श्रद्धालुओं और परिजनों के साथ वाल्मीकि नगर पहुंची थीं। तीसरी सोमवारी को शिवालय में जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालु जल बोझी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक लखपति देवी को बेचैनी महसूस हुई और उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। महिला की हालत खराब होते देख उनके साथ मौजूद परिजनों और अन्य श्रद्धालुओं ने तत्काल उन्हें वाल्मीकि नगर स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया।
स्थिति गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए बगहा अनुमंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया।
इसके बाद परिजन महिला को लेकर बगहा अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद लखपति देवी को मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं, जल बोझी के लिए वाल्मीकि नगर पहुंचे अन्य श्रद्धालुओं के बीच भी घटना की जानकारी मिलने के बाद मायूसी छा गई।

घटना की सूचना मिलने पर संबंधित पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। चिकित्सकों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में महिला की मौत हार्ट अटैक से होने की आशंका है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि के लिए जरूरी चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी की जा रही है। बताया जा रहा है कि तीसरी सोमवारी को लेकर वाल्मीकि नगर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जल बोझी के लिए पहुंचे थे।
ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से श्रद्धालुओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। गौरतलब है कि इससे पहले भी वाल्मीकि नगर में जल बोझी के लिए पहुंचे एक पुरुष कांवरिया की मौत की घटना सामने आ चुकी है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच श्रद्धालुओं को सलाह दी जा रही है कि यात्रा के दौरान अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखें।
कमजोरी, चक्कर, सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी या बेचैनी महसूस होने पर तुरंत यात्रा रोककर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय सहायता लें।



















