बेतिया राज पैलेस को विश्व धरोहर के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है। डीएम तरनजोत सिंह के निर्देश पर राज परिसर के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया तेज की गई है।
एडीएम सह बेतिया राज प्रबंधक अनिल कुमार सिन्हा ने 14 एकड़ में फैले परिसर की पैमाइश कराने का निर्देश दिया है। इसके लिए कई अमीनों की प्रतिनियुक्ति की गई है, जिन्हें नजरी नक्शे के आधार पर अतिक्रमित भूमि का खाता, खेसरा और रकवा की सूची तैयार करने को कहा गया है।
पैमाइश कार्य शुरू होते ही राज परिसर में अतिक्रमण कर रहे लोगों के बीच हलचल मच गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चिन्हित अतिक्रमण को हटाकर परिसर को खाली कराया जाएगा।
प्रशासन की इस पहल से जर्जर हो चुके राजमहल, रानी निवास, शीश महल और राजकचहरी की पुरानी भव्यता लौटने की उम्मीद जताई जा रही है। बेतिया राज कर्मचारी संघ के अनुसार, इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
पहले चरण में परिसर की साफ-सफाई, सीमांकन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इसके बाद मरम्मत और सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा।
राज परिसर के भीतर लीज या किराए पर दिए गए भवनों को भी खाली कराया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने में सहयोग करने की अपील की है।
एडीएम सह प्रभारी व्यवस्थापक अनिल कुमार सिन्हा ने बताया कि परिसर की मापी के लिए अमीनों की तैनाती कर दी गई है और अतिक्रमणकारियों को चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है।
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