बगहा। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वन प्रमंडल-2 अंतर्गत मदनपुर वन क्षेत्र के पटेसरा गांव में सोमवार सुबह तेंदुए के हमले से 30 वर्षीय महिला सविता देवी घायल हो गई। वह डेढ़ साल के बच्चे की मां है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर गुस्सा भी बढ़ रहा है कि जंगल से निकलकर जंगली जानवर लगातार आबादी और खेतों के आसपास पहुंच रहे हैं।
बताया गया कि नौरंगिया थाना क्षेत्र के पटेसरा निवासी उपेंद्र राम की पत्नी सविता देवी सोमवार सुबह सरेह की ओर गई थी। इसी दौरान झाड़ियों के पास छिपे तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से महिला घबरा गई और शोर मचाने लगी। उसकी आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद तेंदुआ वहां से भाग गया। घटना की जानकारी मिलते ही वनरक्षी विकास कुमार और आदित्य कुमार मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने घायल सविता देवी को बगहा अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया।

यहां चिकित्सक डॉ. रामप्रवेश भारती ने प्राथमिक उपचार किया। डॉक्टर के अनुसार महिला के सिर, बांह और कमर में चोटें आई हैं। फिलहाल उसका इलाज जारी है और उसकी हालत ठीक बताई जा रही है।

घटना के बाद सबसे ज्यादा चिंता सविता के डेढ़ साल के बच्चे को लेकर है। मां के घायल होने की खबर से परिवार में भी चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि खेत और सरेह में काम करने वाले लोगों के सामने अब हर कदम पर जंगली जानवरों का खतरा बना हुआ है।शुरुआत में ग्रामीणों ने इसे बाघ का हमला समझकर वन विभाग को सूचना दी थी। बाद में मौके पर मिले पगमार्क से तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि हुई।

मदनपुर रेंजर नसीम अंसारी ने बताया कि पटेसरा और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से तेंदुए की चहलकदमी देखी जा रही है। वन विभाग की टीम पिछले दो-तीन दिनों से लगातार निगरानी कर रही है। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरा लगाया है। इसमें बकरी को चारे के रूप में बांधा गया है। टीम तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रख रही है और उसे ट्रेस कर रेस्क्यू करने की कोशिश की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में पहले भी बाघ के हमलों में एक महिला समेत तीन लोगों की जान जा चुकी है। लगातार हमलों से लोगों में भय और वन विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने जंगली जानवरों की निगरानी बढ़ाने और आबादी के आसपास सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम करने की मांग की है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अकेले सरेह या जंगल की ओर न जाएं और विशेष सतर्कता बरतें



















