बगहा। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक समन्वय और विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बुधवार को एसएसबी 21वीं वाहिनी, बगहा मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पश्चिमी चंपारण के जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने की। इस दौरान सीमा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में एसएसबी 21वीं वाहिनी के कमांडेंट तपेश्वर संबित राउत, बगहा पुलिस अधीक्षक रामानंद कुमार कौशल, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर)-2 के डीएफओ विकास अहलावत सहित प्रशासन, पुलिस, एसएसबी एवं वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र की वर्तमान स्थिति, सुरक्षा चुनौतियों, वन क्षेत्रों की निगरानी, अवैध गतिविधियों की रोकथाम तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लेकर अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए। समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने सीमा क्षेत्र में कार्यरत सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल और नियमित संवाद बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान भी प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए प्रशासन, पुलिस, एसएसबी और वन विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। बैठक में सीमा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति, सीमावर्ती इलाकों में निगरानी व्यवस्था, वन संपदाओं की सुरक्षा और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बनाए रखने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग तथा सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान की आवश्यकता पर भी बल दिया।एसएसबी कमांडेंट तपेश्वर संबित राउत ने सीमा सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सीमा क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। वहीं पुलिस अधीक्षक रामानंद कुमार कौशल ने अपराध नियंत्रण, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्ती तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने की व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। डीएफओ विकास अहलावत ने वन क्षेत्रों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे।बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को सीमा क्षेत्र में बेहतर समन्वय, सतर्कता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने भी सीमा क्षेत्र में सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई। यह बैठक सीमावर्ती क्षेत्रों में सुशासन, सुरक्षा और समन्वित कार्यप्रणाली को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।













