पश्चिम चंपारण। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को पश्चिम चंपारण जिले की 44 ग्राम पंचायतों में आयोजित “सहयोग शिविर” लोगों के लिए राहत का बड़ा माध्यम साबित हुआ। शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर अपनी समस्याओं, मांगों और विभिन्न योजनाओं से संबंधित आवेदन जमा किए। प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की प्रक्रिया तत्काल शुरू की गई, जबकि पूर्व से लंबित कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर हजारों लोगों को राहत प्रदान की गई।
सहयोग शिविरों में राजस्व, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, मनरेगा, भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांगजन सहायता, कृषि एवं छात्रवृत्ति समेत विभिन्न विभागों से संबंधित मामलों की सुनवाई की गई। संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मियों ने ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी प्रारंभ की।

इस दौरान सूचना प्रावैद्यिकी विभाग, बिहार के सचिव-सह-पश्चिम चंपारण के प्रभारी सचिव अभय कुमार सिंह ने योगापट्टी प्रखंड के नवलपुर पंचायत, लौरिया प्रखंड के धोबनी पंचायत तथा नौतन प्रखंड के बैकुण्ठवा पंचायत में आयोजित सहयोग शिविरों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लाभुकों से सीधे संवाद कर योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील एवं जवाबदेह होकर कार्य करने का निर्देश दिया। कई लाभुकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत मौके पर ही लाभ भी प्रदान किया गया।

जिले में आयोजित सहयोग शिविरों की निगरानी और सफल संचालन के लिए जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह, पुलिस अधीक्षक बेतिया डॉ. शौर्य सुमन, पुलिस अधीक्षक बगहा रामानंद कुमार कौशल, उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन, नगर आयुक्त शिवाक्षी दीक्षित, अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा तथा अन्य वरीय अधिकारियों ने विभिन्न पंचायतों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पंचायत में सहयोग शिविर आयोजित कर आमजन की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को आयोजित होने वाले इन शिविरों के माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उनके द्वार तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर केवल शिकायत निवारण का मंच नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद को मजबूत करने का माध्यम भी है। प्रशासन का प्रयास है कि हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और किसी भी जरूरतमंद को सहायता प्राप्त करने में कठिनाई न हो। जिले के विभिन्न पंचायतों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी ने इस पहल को सफल और जनहितकारी बना दिया।












