बेतिया। जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर गुरुवार को बेतिया पहुंचे, जहां उन्होंने शहर के मीना रेजिडेंशियल पैलेस में आयोजित जिला कार्यकारिणी कार्यशाला सह संगठनात्मक बैठक में भाग लिया। बैठक में जिले की विभिन्न सांगठनिक इकाइयों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं जन सुराज से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने संगठन विस्तार, आगामी चुनावी रणनीति और बिहार की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से अपनी बात रखी। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज के संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का अभियान तेजी से चल रहा है। आने वाले तीन से चार महीनों में पार्टी बिहार के हर गांव और हर घर तक पहुंचकर अपने विचारों और बिहार बदलाव के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने निर्णय लिया है कि आगामी त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनाव में जिला परिषद सदस्य, वार्ड सदस्य और पंच पद के चुनाव जन सुराज के कार्यकर्ता पार्टी के झंडे और समर्थन के साथ लड़ेंगे।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव पर बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि यह केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं है, बल्कि सरकार के वादों और कामकाज पर जनता की राय जानने का अवसर है। उन्होंने कहा कि रोजगार, शिक्षा, पलायन रोकने, भ्रष्टाचार समाप्त करने और आर्थिक सहायता जैसे कई वादे जनता से किए गए थे, लेकिन उन्हें धरातल पर पूरा नहीं किया गया। जन सुराज पार्टी इन मुद्दों को लेकर पूरी ताकत से चुनाव मैदान में उतरेगी।

मुजफ्फरपुर अग्निकांड सहित विभिन्न घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में लगातार गंभीर घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सरकार जनता से जुड़े मूल मुद्दों पर जवाब देने से बचती रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में पुलों के टूटने, बेरोजगारी, पलायन और कानून-व्यवस्था जैसे विषयों पर सरकार की ओर से अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं देती।

प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति में बढ़ते परिवारवाद पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो नेता वर्षों तक परिवारवाद के खिलाफ भाषण देते रहे, आज उनके परिवार के सदस्य ही सत्ता और सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों में परिवारवाद की जड़ें मजबूत होती जा रही हैं, जिससे आम कार्यकर्ताओं और योग्य युवाओं के अवसर सीमित हो रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, “अगर नेताओं का चेहरा देखकर वोट देंगे तो नेता का बेटा चाहे पढ़ा-लिखा हो या अनपढ़, वही आगे बढ़ेगा और आम लोगों के बच्चे मजदूर बनकर रह जाएंगे। वोट अपने बच्चों के बेहतर भविष्य, शिक्षा, रोजगार और सम्मानजनक जीवन के लिए दीजिए।”

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हालिया बयान पर कटाक्ष करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार को राजनीतिक बयानबाजी की नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार के अवसर और विकास की ठोस योजनाओं की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जनता अब वादों और नारों से आगे बढ़कर परिणाम चाहती है। बैठक के दौरान पार्टी नेताओं ने संगठन विस्तार और आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा की।













