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बेतिया जिला परिषद में सियासी यू-टर्न: पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लिया वापस

Bettiah17 April 2026
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Bagaha LiveREPORTER
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बेतिया जिला परिषद में सियासी यू-टर्न: पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लिया वापस

दो-तिहाई पार्षदों ने एकमत से आवेदन वापस लिया, कहा—विकास कार्यों को गति देने के लिए एकजुटता जरूरी
यह मामला बेतिया, पश्चिम चंपारण (बिहार) स्थित जिला परिषद से जुड़ा है, जहां परिषद की राजनीति में अहम बदलाव देखने को मिला है।
जिला परिषद के दो-तिहाई पार्षदों ने अध्यक्ष निर्भय कुमार महतो के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को वापस लेने का फैसला किया है। सभी पार्षदों ने एकमत से इस प्रस्ताव पर यू-टर्न लेते हुए अपना आवेदन वापस ले लिया, जिससे परिषद की राजनीति में अचानक स्थिरता आ गई है।

इस पूरे घटनाक्रम में मुख्य रूप से शामिल पक्ष:
निर्भय कुमार महतो – अध्यक्ष, जिला परिषद
जिला परिषद के दो-तिहाई पार्षद
काजले वैभव नितिन – उप विकास आयुक्त (डीडीसी)
पार्षदों ने अध्यक्ष और डीडीसी को हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपकर अपना निर्णय स्पष्ट किया।

यह घटनाक्रम 17 अप्रैल 2026 को सामने आया।
इससे पहले 7 अप्रैल को पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक और मत विभाजन के लिए आवेदन दिया था।

7 अप्रैल को पार्षदों ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए आवेदन दिया
इस प्रस्ताव पर बैठक और मत विभाजन की तिथि निर्धारित नहीं हो पाई
इसके बाद सभी पार्षदों ने आपसी सहमति से यू-टर्न लिया
गुरुवार को पार्षदों ने एकमत से हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन अध्यक्ष और डीडीसी को सौंपा
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि वे अपना आवेदन वापस ले रहे हैं और अब बैठक की आवश्यकता नहीं है

पार्षदों के अनुसार:
जिला परिषद का कार्यकाल अब केवल 6 महीने शेष है
ऐसे समय में राजनीतिक अस्थिरता के बजाय विकास कार्यों को गति देना जरूरी है
इसी कारण सभी पार्षदों ने एकजुट होकर अविश्वास प्रस्ताव वापस लेने का निर्णय लिया
उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए सामूहिक रूप से कार्य करना प्राथमिकता है।

अविश्वास प्रस्ताव वापस लेने के बाद:
जिला परिषद में फिलहाल राजनीतिक स्थिरता बनी रहेगी
विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश होगी
अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पर अब बैठक या मत विभाजन नहीं होगा
अध्यक्ष निर्भय कुमार महतो ने भी इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की है।

निष्कर्ष
बेतिया जिला परिषद में पार्षदों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव वापस लेने से सियासी हलचल थम गई है। सभी पार्षदों ने विकास को प्राथमिकता देते हुए एकजुटता दिखाई है, जिससे आने वाले समय में परिषद के कार्यों में स्थिरता और तेजी की उम्मीद की जा रही है।

डिस्क्लेमर:
यह खबर उपलब्ध जानकारी और स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है। आधिकारिक पुष्टि या आगे की प्रक्रिया के अनुसार तथ्यों में बदलाव संभव है।

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