बगहा। पुलिस जिले के बथवरिया थाना क्षेत्र में पेड़ से लटके मिले युवक के शव मामले का पुलिस ने मात्र तीन दिनों के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में यह मामला हत्या का निकला, जिसमें प्रेम प्रसंग और पैसों के विवाद की वजह सामने आई है। घटना में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जानकारी के अनुसार, बथवरिया थाना क्षेत्र के शेरा बाजार के समीप सरेह स्थित आम के बगीचे में 27 मई की सुबह एक युवक का शव पेड़ से लटका मिला था। सूचना मिलते ही बथवरिया थानाध्यक्ष अनुपम कुमार राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना तत्काल एसपी रामानंद कौशल को दी गई। एसपी के निर्देश पर रामनगर एसडीपीओ रागिनी कुमारी, एसएफएल टीम तथा डॉग स्क्वायड भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच में जुट गए। मृतक की पहचान नवलपुर थाना क्षेत्र के चंद्रौल गांव निवासी प्रवेश यादव के 23 वर्षीय पुत्र रंगीला यादव के रूप में हुई। बताया जाता है कि रंगीला यादव गोरखपुर में रहकर मजदूरी करता था। साजिश के तहत उसके दोस्तों ने उसे मेला दिखाने के बहाने 25 मई को गोरखपुर से बुलाया था। इसके बाद 26 मई की रात उसकी हत्या कर दी गई और आरोपित मौके से फरार हो गए। हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को मृतक के ही गमछे से आम के पेड़ पर लटका दिया गया था। मृतक के पिता के आवेदन के आधार पर बथवरिया थाना कांड संख्या 43/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1)/3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। एसपी रामानंद कौशल के निर्देश पर रामनगर एसडीपीओ रागिनी कुमारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। टीम में पुलिस निरीक्षक अभय कुमार, बथवरिया थानाध्यक्ष अनुपम कुमार राय, पुलिस अवर निरीक्षक नीतू कुमारी समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल कॉल डिटेल और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने बथवरिया के पुरबवारी निवासी राजन यादव को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया। आरोपी ने बताया कि मृतक रंगीला यादव का उसकी पत्नी से शादी से पहले से मोबाइल पर संपर्क था और दोनों लगातार बातचीत करते थे। इस बात को लेकर राजन और उसकी पत्नी के बीच कई बार विवाद और मारपीट भी हुई थी। वहीं, सह-आरोपी सुधीर उर्फ कन्च्छेदा का मृतक से पैसों के लेन-देन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। इसी कारण दोनों ने मिलकर रंगीला यादव की हत्या की साजिश रची। योजना के तहत राजन ने अपनी पत्नी के मोबाइल से आवाज बदलकर रंगीला को रात में बगीचे में बुलाया। वहां पहले से मौजूद राजन और सुधीर ने मिलकर उसका गला दबाकर हत्या कर दी। बाद में घटना को आत्महत्या साबित करने के उद्देश्य से शव को पेड़ से लटका दिया। एसपी रामानंद कौशल ने बताया कि एसआईटी ने महज तीन दिनों के भीतर इस जघन्य हत्याकांड का सफल उद्भेदन कर दिया। गिरफ्तार आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। मामले में फरार अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी अनुसंधान, वैज्ञानिक साक्ष्य और टीमवर्क के कारण इस हत्याकांड का शीघ्र खुलासा संभव हो सका।













