पर्यवेक्षण गृह में रह रहे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। अम्मा ट्रस्ट के अंतर्गत संचालित इंफोटेक के सहयोग से शुरू हुए इस कार्यक्रम का उद्घाटन अम्मा ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं इंफोटेक के निदेशक ज्ञानेंद्र शरण तथा पर्यवेक्षण गृह के अधीक्षक शंभू प्रसाद ने दीप प्रज्वलित कर किया।
ज्ञानेंद्र शरण ने कहा कि वर्तमान समय पूरी तरह डिजिटल युग में बदल चुका है और कंप्यूटर ज्ञान के बिना आगे बढ़ना कठिन है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बच्चों को ऐसा कौशल प्रदान करना है, जिससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें और सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
इस दौरान प्रशिक्षणार्थी बच्चों के बीच निशुल्क पुस्तकें और अध्ययन सामग्री का वितरण भी किया गया। अधीक्षक शंभू प्रसाद ने इस पहल को बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिसके जरिए व्यक्ति अपने जीवन को नई दिशा दे सकता है। कंप्यूटर शिक्षा बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाएगी और उन्हें नई संभावनाओं से जोड़ने का कार्य करेगी।
इस कार्यक्रम के तहत बच्चों को कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी, पेंट, एमएस वर्ड, एक्सेल तथा इंटरनेट के सही उपयोग की ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षित शिक्षक प्रतिदिन लगभग ढाई घंटे तक बच्चों को नियमित रूप से प्रशिक्षण देंगे। इंफोटेक की समन्वयक सुश्री सबा खानम ने कहा कि यदि बच्चों को सही दिशा और शिक्षा मिले, तो वे समाज में सकारात्मक योगदान दे सकते हैं। मौके पर प्रमोद सिंह लोधी, एलपीओ अश्विनी कुमार, परामर्शी मिथिलेश कुमार आदि थे।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोत जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। आधिकारिक पुष्टि, दस्तावेज या जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों में बदलाव संभव है।

