विशेष खबर : नई दिशा डिजिटल न्यूज । चनपटिया
पश्चिम चंपारण के चनपटिया स्थित वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल को पुनः चालू करने की दिशा में अब ठोस पहल शुरू हो गई है। राज्य सरकार के निर्देश पर गन्ना उद्योग विभाग की टीम ने मंगलवार को मिल परिसर का निरीक्षण किया और इसकी वर्तमान स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान नई दिल्ली से आई राष्ट्रीय सहकारी चीनी कारखाना संघ (NFCSF) की टीम भी मौजूद रही। इस टीम में मुख्य सलाहकार डॉ. आर.बी. डोले, जिला गन्ना पदाधिकारी रेमंत झा सहित कई तकनीकी अधिकारी शामिल थे।
पुरानी मिल मरम्मत योग्य नहीं, नई इकाई की तैयारी
निरीक्षण के बाद विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में मौजूद पुरानी चीनी मिल की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि उसका पुनर्निर्माण या मरम्मत संभव नहीं है। ऐसे में उसी स्थान पर नई चीनी मिल और इथेनॉल प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा।
किसानों से बातचीत, समस्याओं का लिया फीडबैक
निरीक्षण टीम ने स्थानीय गन्ना किसानों से भी मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। साथ ही आसपास के खेतों में जाकर गन्ना फसल की स्थिति का भी आकलन किया गया, ताकि भविष्य की योजना जमीन से जुड़ी हकीकत के आधार पर बनाई जा सके।
बनेगा व्यवहार्यता रिपोर्ट, उसी आधार पर आगे की योजना
अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण के आधार पर अब गन्ना व्यवहार्यता (Cane Feasibility) रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि नई मिल की स्थापना कैसे और कब की जाएगी।
किसानों और रोजगार के लिए बड़ी उम्मीद
सरकार की इस पहल से इलाके के किसानों और युवाओं में नई उम्मीद जगी है। यदि नई चीनी मिल और इथेनॉल प्लांट स्थापित होता है तो गन्ना किसानों को नजदीक में बाजार मिलेगा, परिवहन लागत कम होगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
गौरतलब है कि चनपटिया चीनी मिल कई दशकों से बंद है, जिससे क्षेत्र में गन्ना खेती और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ा था। अब सरकार के इस कदम से क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।

