बेतिया में शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत में कुल 940 बैंकों और वित्तीय संस्थानों के कर्ज मामलों को सुलझाया गया
। इसमें सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के 209 मामले सबसे अधिक शामिल थे। लंबित ऋणों के समझौते से कर्जदाताओं को लाखों रुपये की कटौती मिली और उन्हें बड़ी राहत मिली
। अधिकारियों ने बताया कि इससे कई वर्षों से चली आ रही कानूनी जंग खत्म हुई। ऋणग्रस्त किसानों और व्यापारियों ने कहा कि यह निर्णय उनकी आर्थिक समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लोक अदालत के माध्यम से किए गए समझौते से शासन को भी मिल सकता है, क्योंकि इससे बैंकों को तनाव मुक्त करने में मदद मिलेगी। आयोजन में मौजूद कई ऋणदारों ने प्रशासन को धन्यवाद दिया।

