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बिहार के वाल्मिकीनगर में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। राज्य में एक और नया एयरपोर्ट साल 2027 तक तैयार होने की उम्मीद है। इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने टेंडर जारी कर दिया है और निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू होने वाली है।
वाल्मीकिनगर में बनेगा एयरपोर्ट
यह एयरपोर्ट भारत-नेपाल सीमा के पास पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर में विकसित किया जाएगा। यहां पहले से एयरपोर्ट मौजूद है, लेकिन वह अभी चालू स्थिति में नहीं है। अब सरकार इसे आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित कर यात्री सेवाओं के लिए शुरू करने की योजना पर काम कर रही है।
38 करोड़ से अधिक का टेंडर जारी
एएआई ने इस परियोजना के लिए करीब 38.64 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला है। इस राशि से एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा, जिसमें—
• टर्मिनल बिल्डिंग
• फायर स्टेशन
• एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) टावर व अन्य आवश्यक निर्माण कार्य शामिल हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि प्रोजेक्ट शुरू होने के लगभग 11 महीने के भीतर निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए, ताकि 2027 तक यह एयरपोर्ट चालू हो सके।
छोटे विमानों का होगा संचालन
वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट को कोड-2B श्रेणी के अनुसार विकसित किया जा रहा है। इसका मतलब है कि यहां से 19 सीटर छोटे विमानों का संचालन किया जाएगा।
पर्यटन और कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
इस एयरपोर्ट के शुरू होने से कई बड़े फायदे होंगे—
• वाल्मीकि टाइगर रिजर्व और चंपारण क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
• उत्तर बिहार के लोगों को सीधी हवाई सेवा मिलेगी
• नेपाल सीमा से सटे इलाकों के लोग भी इसका लाभ उठा सकेंगे
एयरपोर्ट विस्तार की भी तैयारी
एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर भी प्रक्रिया जारी है। प्रशासन ने इसके लिए करीब 12 एकड़ जमीन चिन्हित की है। आने वाले समय में रनवे और अन्य सुविधाओं के विस्तार की योजना भी बनाई जा रही है।
सरकार का उद्देश्य
राज्य सरकार का उद्देश्य इस परियोजना के जरिए वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट को आधुनिक बनाकर क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करना है, ताकि बिहार के दूर-दराज इलाकों को भी बेहतर एयर कनेक्टिविटी मिल सके। अगर तय समय पर काम पूरा होता है, तो 2027 तक बिहार को एक और एयरपोर्ट मिल जाएगा, जिससे न सिर्फ यात्रा आसान होगी बल्कि पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी।

