बॉलीवुड अभिनेता और पद्मश्री से सम्मानित मनोज वाजपेयी अब अपनी मातृभूमि के आदिवासियों और वंचितों के उत्थान के लिए काम करेंगे। वे अपने पैतृक गांव बेलवा बहुअरी से एक विकास मुहिम की शुरुआत करने जा रहे हैं, जिसके तहत गांव में एक कौशल उन्नयन केंद्र स्थापित किया जाएगा।
रवींद्र नाथ तिवारी के अनुसार इस योजना को भितिहरवा आश्रम जीवन कौशल ट्रस्ट के सहयोग से धरातल पर उतारा जाएगा। मनोज वाजपेयी ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े आदिवासियों, मुसहर और धांगड़ समाज के उत्थान के लिए विस्तृत खाका तैयार किया है।
अभिनेता के चचेरे भतीजे सौरव वाजपेयी ने बताया कि मनोज हाल ही में गांव आए थे। इस दौरान उन्होंने अपनी जमीन का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से विचार-विमर्श किया। बचपन से ही इन समुदायों के साथ जुड़ी यादों ने उन्हें इस सेवा कार्य के लिए प्रेरित किया है।
परिवारिक बंटवारे में उन्हें गांव में जो भूमि मिली है, उसका उपयोग वे समाज सेवा में करेंगे। भितिहरवा आश्रम जीवन कौशल ट्रस्ट के अध्यक्ष शैलेंद्र प्रताप सिंह और कोषाध्यक्ष राकेश राव के अनुसार पिछली यात्रा के दौरान मनोज वाजपेयी ने आदिवासियों और मुसहर समाज के दर्जनों स्त्री-पुरुषों से सीधा संवाद किया था। उन्होंने लोगों की आय, खेती, बच्चों की शिक्षा और बीमारियों के इलाज के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई और उसी आधार पर इस मिशन की तैयारी की है।
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