नरकटियागंज में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को आधा दर्जन से अधिक निजी अस्पतालों, लैब और जांच घरों पर छापेमारी की। जांच में सामने आया कि अधिकांश अस्पताल अवैध रूप से संचालित हो रहे थे। कई अस्पतालों में संचालक या डॉक्टर मौजूद नहीं मिले, जबकि कुछ प्रतिष्ठान छापेमारी की भनक लगते ही बंद कर दिए गए।
छापेमारी का नेतृत्व अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ संजीव कुमार कर रहे थे। टीम में डॉक्टर मणिकांत श्रीवास्तव, डॉ राजू कुमार गुप्ता, बीसीएम राकेश कुमार और धर्मेंद्र यादव सहित अन्य चिकित्सा कर्मी शामिल रहे।
उपाधीक्षक डॉ संजीव कुमार ने बताया कि डीएम एवं सीएस के निर्देश पर नगर में लगातार दूसरे दिन जांच अभियान चलाया गया। हॉस्पिटल रोड स्थित मां वीणा डेंटल केयर, उम्मीद हॉस्पिटल, डॉक्टर अमित कुमार अस्पताल, यूवी अस्पताल, डॉ एम बेगम क्लीनिक और शुभम हेल्थ केयर सेंटर की जांच की गई। इनमें केवल डॉक्टर अमित कुमार अस्पताल के संचालक मौके पर मिले, जबकि अन्य संस्थानों के संचालक अनुपस्थित पाए गए।
उन्होंने बताया कि इन अस्पतालों को चिन्हित कर लिया गया है और संचालकों से कागजात मांगे गए हैं। कागजात प्रस्तुत नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उम्मीद अस्पताल में कुछ दिन पहले एक मरीज की मौत हुई थी, इसके बावजूद अस्पताल का संचालन जारी था। इस मामले में संचालक पर कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील करने की तैयारी की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, अस्पतालों की आगे की जांच के लिए अनुमंडल पदाधिकारी से दंडाधिकारी और पुलिस बल की मांग की गई है। दंडाधिकारी की निगरानी में जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोत जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। आधिकारिक पुष्टि, दस्तावेज या जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों में बदलाव संभव है।




