
पश्चिमी चंपारण में किसानों को निर्धारित मात्रा एवं मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को समाहरणालय सभागार में जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह की अध्यक्षता में जिला उर्वरक निगरानी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधायक अभिषेक रंजन, विधान पार्षद भीष्म सहनी, उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन, जिला कृषि पदाधिकारी सरफराज असगर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं उर्वरक विक्रेता मौजूद रहे। बैठक में जिले में उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण प्रणाली, मांग एवं आपूर्ति की स्थिति पर विस्तृत समीक्षा की गई। जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी प्रस्तुत की गई। समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और उन्हें किसी भी स्थिति में निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने कहा कि उर्वरक वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करने वाले दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, थोक विक्रेताओं की संलिप्तता पाए जाने पर उनके विरुद्ध भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने विशेष रूप से चेतावनी दी कि यूरिया के साथ अन्य उर्वरक या कीटनाशक की जबरन बिक्री की शिकायत मिलने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को यूरिया के संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि अनावश्यक उपयोग से होने वाले नुकसान से बचा जा सके। साथ ही, नैनो यूरिया जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर बल दिया गया। उन्होंने कहा कि इससे उत्पादन बढ़ने के साथ लागत में कमी आती है।
प्रशासन द्वारा यूरिया के डायवर्जन को रोकने के लिए सतत निगरानी की जा रही है, ताकि किसानों को समय पर पर्याप्त उर्वरक मिल सके। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी क्षेत्रों में समान रूप से उर्वरक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। किसानों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, जिन पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और किसी भी समस्या की स्थिति में सीधे संपर्क करें।




