
बगहा। जदयू के युवा नेता निशांत कुमार की सद्भाव यात्रा के क्रम में रविवार की देर रात लक्ष्मीपुर पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। आदिवासी समुदाय और स्थानीय ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से उनका अभिनंदन किया। खास तौर पर थारू जनजाति के कलाकारों ने अपने प्रसिद्ध ‘झमटा’ नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर माहौल को उत्सवमय बना दिया। स्वागत कार्यक्रम के बाद निशांत कुमार का काफिला रात लगभग 10:45 बजे वाल्मीकि सभागार कन्वेंशन सेंटर पहुंचा। यहां भी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। सोमवार की सुबह वह अपने समर्थकों के साथ वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के लिए जंगल सफारी पर रवाना हुए। सफारी के दौरान उन्होंने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया और जंगल में भालू, हिरण, जंगली सुअर तथा मोर जैसे वन्य जीवों को करीब से देखा। इस दौरान उन्होंने वन क्षेत्र के संरक्षण और पर्यटन की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा की। वाल्मीकि सभागार परिसर में निशांत कुमार ने महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उनका काफिला टाइगर रिजर्व स्थित प्राचीन महाकालेश्वर मंदिर पहुंचा, जहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इस मौके पर बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार भी उनके साथ मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने निशांत कुमार को अंगवस्त्र, माला और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। युवा कुशल सीडीएसएस केवाईपी सेंटर हरनाटांड के निदेशक हीरालाल प्रजापति और उनकी टीम ने भी उनसे मुलाकात कर उन्हें सक्रिय राजनीति में आने के लिए शुभकामनाएं दीं। निशांत कुमार की एक झलक पाने के लिए सभागार परिसर में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कार्यकर्ताओं के ‘निशांत जिंदाबाद’ और ‘नीतीश कुमार जिंदाबाद’ के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। लोगों में यह उम्मीद भी दिखी कि वे अपने पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए विकास के नए आयाम स्थापित करेंगे। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुमार देवेंद्र के नेतृत्व में पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर तैनात रहा। इस अवसर पर विधायक, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व स्थानीय लोग मौजूद रहे।





