
पश्चिमी चंपारण। जिले के वरिष्ठ दलित नेता नंदकिशोर राम ने बिहार सरकार में मंत्री पद की शपथ ग्रहण कर राजनीतिक जीवन की एक नई पारी की शुरुआत की। उनके शपथ ग्रहण की खबर मिलते ही जिले में खुशी का माहौल बन गया। खासकर दलित, पिछड़े और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने इसे सम्मान और विकास की नई उम्मीद के रूप में देखा है। समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटकर खुशी जताई तथा एक-दूसरे को बधाई दी। नंदकिशोर राम लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक जीवन में सक्रिय रहे हैं। उनकी पहचान एक मृदुभाषी, शिक्षित और जमीन से जुड़े नेता के रूप में होती रही है। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत वर्ष 1994 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से की थी। बसपा में रहते हुए उन्होंने समाज के वंचित वर्गों की आवाज बुलंद की और संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 1998 में उन्होंने बगहा लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था, जिसके बाद क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पहचान और मजबूत हुई। इसके बाद वर्ष 2009 में उन्होंने जनता दल यूनाइटेड (जदयू) का दामन थामा। जदयू में रहते हुए करीब 14 वर्षों तक उन्होंने संगठन और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। पार्टी के भीतर भी उन्हें एक शांत स्वभाव और सभी को साथ लेकर चलने वाले नेता के रूप में जाना जाता था। वर्ष 2023 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा में शामिल होने के बाद भी उन्होंने क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क बनाए रखा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे। नंदकिशोर राम के मंत्री पद की शपथ लेने पर जिले के कई नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई दी है। जदयू में उनके साथ लंबे समय तक काम कर चुके नेता राकेश सिंह और दयाशंकर सिंह एवं मुन्ना सिंह ने कहा कि नंदकिशोर राम हमेशा आम लोगों के नेता रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका स्वभाव बेहद सरल है और वे समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं। दोनों नेताओं ने उम्मीद जताई कि उनके मंत्री बनने से पश्चिमी चंपारण सहित आसपास के क्षेत्रों के विकास को नई दिशा मिलेगी। ग्रामीण इलाकों के लोगों का मानना है कि नंदकिशोर राम के मंत्री बनने से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलेगी। दलित और पिछड़े समाज के लोगों ने इसे अपने समाज के सम्मान से जोड़कर देखा है। लोगों को भरोसा है कि नंदकिशोर राम अपने अनुभव और जनसरोकारों के बल पर सरकार में क्षेत्र की आवाज को मजबूती से उठाएंगे।






