बगहा-2 प्रखंड के तपा चौपारण क्षेत्र में भारतीय थारु कल्याण महासंघ का दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन संपन्न हुआ। हरनाटांड़ के समीप अमलोरवा कुट्टी शिव मंदिर परिसर में आयोजित इस सम्मेलन में थारू समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने और अनुसूचित जनजाति आरक्षण की मांग पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर राष्ट्रगान के साथ हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता महासंघ के अध्यक्ष प्रेमनाथ काजी ने की, जबकि पूर्व शिक्षक बेतिलाल काजी ने संचालन किया। महासंघ के केंद्रीय महामंत्री राजकुमार महतो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
थारू बौद्धिक विचार मंच के अध्यक्ष प्रो. डॉ. शारदा प्रसाद विशिष्ट अतिथि रहे। इस अवसर पर तपा राजपुर अध्यक्ष महेश्वर काजी, सचिव अशोक कुमार, थरुहट प्रगतिशील संस्था के अध्यक्ष सुरेश प्रसाद और थरुहट महिला विकास संस्था की अध्यक्ष नीता कुमारी सहित कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी मौजूद रहे।
सम्मेलन में थारू आदिवासी समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने पर विशेष चर्चा हुई। वक्ताओं ने समाज में जागरूकता बढ़ाने और शिक्षा पर जोर देने की आवश्यकता पर बल दिया।
इसके अलावा वाल्मीकि नगर और रामनगर विधानसभा क्षेत्रों में परिसीमन लागू कर उन्हें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित करने की मांग उठाई गई। पश्चिमी चंपारण के आदिवासी बहुल क्षेत्रों को संसदीय स्तर पर भी अनुसूचित जनजाति क्षेत्र घोषित करने की बात कही गई। थारू नेताओं का मानना है कि परिसीमन से क्षेत्र का विकास होगा।
बैठक में सामाजिक एकता, विकास और अधिकारों को लेकर भी गहन विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में सत्यनारायण प्रसाद, तेज प्रताप काजी, पारसनाथ महतो, रामप्रसाद काजी और रमैन्द्र गौरव सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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