

बगहा। नेपाल व उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में मंगलवार देर रात एक मरीज की मौत के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा शुरू कर दिया, जिससे पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालात बिगड़ते देख अस्पताल प्रबंधन को नगर थाना पुलिस को सूचना देनी पड़ी। पुलिस के पहुंचने के बाद किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया गया। मृतक की पहचान नगर के मलपुरवा निवासी 57 वर्षीय भूपेंद्र पांडेय के रूप में की गई है, जो भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर सेवा दे चुके थे। परिजनों के अनुसार, उनकी तबीयत अचानक खराब होने पर उन्हें इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया था। ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. विनय कुमार ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद परिजन आक्रोशित हो गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में उचित इलाज नहीं किया गया और ईसीजी जांच की मांग को अनदेखा किया गया। वहीं चिकित्सक डॉ. विनय कुमार ने बताया कि मरीज को मृत अवस्था में ही अस्पताल लाया गया था। उन्होंने कहा कि औपचारिक रूप से ऑक्सीजन देने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। ईसीजी की मांग पर उन्होंने रात में स्टाफ उपलब्ध नहीं होने की बात कही, जिसके बाद परिजन भड़क गए। डॉ. विनय कुमार के अनुसार, इसके बाद परिजन और उनके साथ आए लगभग 20-25 लोगों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने गाली-गलौज करने के साथ गार्ड और चिकित्सकों पर हाथापाई का आरोप लगाया। डॉक्टर का कहना है कि इस दौरान उनकी गर्दन पर भी हाथ पड़ा, जिससे अस्पताल कर्मियों में दहशत फैल गई। वहीं मृतक के पुत्र अभिषेक पांडेय ने डॉक्टरों पर अभद्र व्यवहार और लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि ईसीजी कराने की मांग पर डॉक्टर ने नाराज होकर गलत व्यवहार किया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
घटना के बाद बुधवार सुबह चिकित्सकों ने सुरक्षा की मांग को लेकर ओपीडी सेवा बंद कर दी। करीब ढाई घंटे तक ओपीडी ठप रहने से दूर-दराज से आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल परिसर में मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं और लोग इलाज के लिए परेशान दिखे। बाद में अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों के बीच बैठक के बाद स्थिति को सामान्य किया गया और ओपीडी सेवा पुनः शुरू कर दी गई।
प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि मंगलवार रात मरीज को मृत अवस्था में लाया गया था, जिसके बाद परिजनों द्वारा हंगामा और मारपीट की घटना सामने आई। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर अस्पताल स्टाफ के साथ बैठक की गई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई। आपसी समझौते के बाद करीब ढाई घंटे बाद ओपीडी सेवा बहाल कर दी गई और फिलहाल अस्पताल में स्थिति सामान्य है।



