पश्चिम चंपारण में एक सिपाही द्वारा अपने ही दोस्त की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
जिला पुलिस लाइन के सिपाही बैरक में 19 अप्रैल 2025 की रात 10:30 बजे हुई इस घटना में भोजपुर जिले के पायना थाने के खनेट गांव निवासी सिपाही सर्वजीत कुमार ने अपने दोस्त कैमूर जिले के चैनपुर थाने के रघुवीरगंज निवासी सिपाही सोनू कुमार को गोली मार दी थी।
इस मामले में जिला अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय असिताभ कुमार के न्यायालय ने सुनवाई करते हुए सर्वजीत कुमार को दोषी करार दिया और उम्रकैद की सजा सुनाई।
अपर लोक अभियोजक सैयद अनवार हुसैन के अनुसार, घटना के पीछे पत्नी पर शक की बात सामने आई थी। वर्ष 2025 में सर्वजीत को संदेह हुआ था कि सोनू उसकी पत्नी से मोबाइल पर बातचीत करता है, जिसके बाद उसने अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर दी।
पुलिस जांच में मृतक और आरोपी की पत्नी की मोबाइल कॉल डिटेल निकाली गई, जिसमें दोनों के बीच बातचीत का कोई प्रमाण नहीं मिला। मामले में मृतक की पत्नी के बयान पर मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
स्पीडी ट्रायल के तहत इस मामले में 18 लोगों की गवाही के बाद न्यायालय ने अंतिम फैसला सुनाया। दोनों सिपाहियों का चयन 2013 में बिहार पुलिस में हुआ था और 2022 में दोनों का तबादला बेतिया में हुआ था।




