
पश्चिमी चंपारण के गौनाहा थाना क्षेत्र के तुरहा टोली गांव निवासी विकास कुमार की हत्या के बाद शनिवार को आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने गौनाहा-मंगूराहा मुख्य मार्ग को करीब एक घंटे तक जाम कर दिया। परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। मृतक की मां कालावती देवी, बहन सरोज देवी, भाई सुनील कुमार, अनिल कुमार तथा पिता प्रभु साह सहित दर्जनों ग्रामीण आरोपी राजेश पांडेय, उनके दोनों पुत्रों तथा वीरेंद्र पांडेय की अविलंब गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। परिजनों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने और आरोपितों के घर को सील करने की भी मांग की। उनका कहना था कि आरोपितों की गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया। मौके पर पुलिस इंस्पेक्टर सरफराज अहमद, गौनाहा के नवपदस्थापित थानाध्यक्ष शंभू शरण गुप्ता, मटियरिया थानाध्यक्ष राकेश कुमार, सहोदरा थानाध्यक्ष ऋतुराज जायसवाल, पदस्थापित मजिस्ट्रेट आर.ओ. दीपक कुमार राम सहित भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचा। स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि बिन्दा प्रसाद यादव, अमित कुमार गुड्डू, मोबिन अहमद, बीडीसी प्रतिनिधि केशव सिंह तथा संतोष जायसवाल ने भी लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। काफी मशक्कत और समझाने-बुझाने के बाद पुलिस इंस्पेक्टर सरफराज अहमद ने आश्वासन दिया कि विधि-सम्मत कार्रवाई करते हुए तीन दिनों के भीतर सभी आरोपितों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। इसके बाद परिजन शांत हुए और सड़क जाम समाप्त कराया गया। बताया जाता है कि मृतक के पिता प्रभु साह चंडीगढ़ में मजदूरी करते हैं। घटना की सूचना मिलते ही वे शनिवार सुबह गांव पहुंचे। बेटे का शव देखते ही वे दहाड़ मारकर रोने लगे और कई बार बेहोश हो गए। इस हृदयविदारक दृश्य से मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में दोपहर करीब एक बजे पंडई नदी के किनारे विकास कुमार का अंतिम संस्कार किया गया।





