बगहा। पुलिस जिला अंतर्गत सेमरा थाना के पूर्व थानाध्यक्ष सम्पत कुमार यादव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उन पर कानून की अवहेलना, धमकी देने और न्यायालय के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। मामले को लेकर न्यायिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, शास्त्री नगर निवासी जावेद अख्तर उर्फ मुन्ना ने बगहा न्यायालय में परिवाद संख्या 222/25 दायर किया है। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन थानाध्यक्ष सम्पत कुमार यादव ने उन्हें दौड़ाकर गोली मारने की धमकी दी थी। साथ ही न्यायालय को लेकर कथित रूप से “पागलों का अड्डा” जैसी टिप्पणी भी की गई। इस टिप्पणी को न्यायिक गरिमा के खिलाफ माना जा रहा है। मामले पर संज्ञान लेते हुए न्यायिक दंडाधिकारी, बगहा ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 198, 308, 115, 351 सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। अदालत ने सम्पत कुमार यादव को 20 मई को न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। परिवादी जावेद अख्तर ने आरोप लगाया है कि सेमरा थाना में पदस्थापन के दौरान पूर्व थानाध्यक्ष का कार्यशैली लगातार विवादों में रही। उन्होंने दावा किया कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों में भूमाफियाओं के साथ मिलकर गैरकानूनी हस्तक्षेप किया गया। उनका कहना है कि भूमि विवाद सिविल प्रकृति के मामले होते हैं, जिनमें पुलिस को सीधे हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। इस संबंध में न्यायालय और सरकार की ओर से पूर्व में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। जावेद अख्तर ने यह भी कहा कि उनके पास कथित अनियमितताओं से जुड़े कई साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें जल्द ही बिहार के पुलिस महानिदेशक को सौंपा जाएगा। वहीं, सूत्रों की मानें तो सम्पत कुमार यादव के खिलाफ पटना उच्च न्यायालय में एक आपराधिक रिट याचिका भी लंबित है। फिलहाल, 20 मई को होने वाली अगली सुनवाई और संभावित प्रशासनिक कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी हुई है।





